-
उम्र हो चली है.चीज़े इधर उधर रख कर भूल जाता हूँ. हाल में मैंने अपना तीन साल पुराना सोन ग्लास खोया ..gyming को हेमियत देना लगा हूँ..अकेलेपन का इन्वेस्टमेंट करने लगा हूँ. दोस्तो के फोटो का बेक up बनाता हूँ . कंप्यूटर की भी मेरी तरह उम्र होंने लगी है.
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
कभी कभी दिल करता है की मै रिक्शा चलानेवाला होता कही भी जाओ , या न जाओ कोई deadlines नहीं होते. ladies सवारियों को समझना कीसी clients के design brief से समझना से कही ज्यादा आसान लगता
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
तुम्हारे दोमुंहे बाल अच्छे लगते है ..Maggi में पढ़ जाये तो भी मुझे बुरा नहीं लगता. NOODLE समझ कर उसे भी निगल लेता हूँ पर शादी के बाद यह सब मुझे irritate करेंगे.
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
तुम्हारे गालों पर पिम्पल्स आने के दिन खत्म होने को आये है, चहेरा काफी खाली खाली से लग रहा है .लाल, गुलाबी और न जाने कीन कीन रंगों से भरी कील मुहासे अच्छी लगती थी तुम पर
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
with all due respect Julia Robert के होठ इतने लम्बे है वह एक कान से दुसरे कान को छूते हुए से प्रतीत होते है
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
थोडा तुम मुझ में हो थोडा मै तुम में हूँ
तुम ने मेरे हर एक चीज़ को पसंद किया है ..यहाँ तक की मेरी बासी कविअताओ ( जिन में मात्राए भी गलत होती है) पर भी कमेंट्स किये है...
सी पी के भीड़ भाड़ वाले सेंट्रल पार्क मै जब हम दोनों जाते है तो लगता है वहा सिर्फ तुम और मै हूँ ..और कोई नहीं ...
तुम्हे देखते ही लाइफ SLOW MOTION में अा जाती है और बाकि चीज़े FAST FORWARD ( जो अक्सर फिल्मो में होता है) ...
सुना है तुम ने अपने बाल STRAIGHT करा लिए है ...Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
रात को जब बिजली चली जाती है, अन्धकार और सन्नाटा छा जाता है तब तकिये के नीचे तुम्हारी आवाज़ सुनायी देती है . मुझे पता है मेरे कान बज रहे है.
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
राह चलते हर एक couples में तुम्हे और अपने आप को देखता हूँ ..तुम कभी भोली तो कभी कमीनी तो कभी खर्चिल्ली दिखती हो.सुबह सुबह ऑफिस के लिए जब अपने आप को बाथरूम में धकेलता हूँ तो सिंथोल में तुम्हे देखता हूँ,तुम कभी भरी भरी तो कभी गली गली दिखती हो.
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
तुम में और मुझे में कितना अंतर है ...में किसी मै थके हुए बल्ब की मद्धम रोशनी मे..गर्मी में सढ़ रहा window 2000 हूँ और तुम किसी डिजाईन स्टूडियो के spotlight के निचे रखी हुई new apple mac system हो. तुम हर काम आसानी से कर लेती हो और मै जिन्दगी के हर राह मै अटक अटक कर चलता हूँ . तुम देखने मै कितनी सुन्दर और गोरी हो .तुम में और मुझे में कितना अंतर है .
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
gtalk के खिड़की में तुम्हारा वेट कर रहा हूँ ..बाते बहुत लिखता हूँ पर इंटर दबाने से पहेले कण्ट्रोल a कण्ट्रोल x करना आदत बन गयी है..
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
मन है कि तुम्हे मै साइकल पर आगे बिठाकर हर भरे जनपथ पर साथ घुमाऊ ..इंडिया गेट दिखाऊ साइकल चलाते चलाते जब में हाफ़ने लगू तो मेरे गर्म सासों कि आवाज़ तुम्हारे कानो में पहुचे .....हफ -फ -फ-हफ -फ -फ
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
इस्त्री करने वाला ठीक मेरे घर के पास एक पेढ़ के नीचे इस्त्री करता था . रेडियो पर अक्सर ८० के दशक के गाना सुनता था.
शीशा हो या दिल हो आखिर टूट टूट जाता है ...." पेढ़ के नीचे कपडे प्रेस करने के कारण पेढ़ से गिरि पत्तिया मेरे पैंट से चिपक जाती थी.
उसकी पत्नी भी बड़ी मरियल सी थी और देख कर लगता नहीं था कि ७ किलो का भारी भरकम कोयले का प्रेस उठा भी सकती है. ज्यादा देर उसे देखू तो
डर लगता था कि कही प्रेस मेरे गाल से ना चिपका देPosted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
आज अपनी बड़ी बहेन को youtubing सिखा रहा था .पहेले तो कहा क्या खास है इसमें ...मैंने कहा इसमें हर video मिल जाता हैअजी हा ?ऐसा थोड़ी ना होता है ...फिर उसने गाना मन में गुनगुनाया ...शायद मेरे आगे गाने में शर्मा रही थी ...फिर वही टाइप किया ...सलमान खान और नीलम के गानेमाधुरी और आमिर खान के गानेशारुख और काजोल के गानेएक एक करके वही गाने स्क्रीन में आने लगेकितनी बड़ी बात थी ...उसके लिएजहा वो हर रविवार की सुबह रंगोली का इंतज़ार करती थी ....रात को जल्दी सो जाती थी ताकि सुबह रंगोली देख सकेमुझे पहेले से बता कर रख थी की मुझे जरूर उठा देना .. एक भी गाना छूट जाये तो पूरा सन्डे ख़राब हो जाता थामानो वो आज आजाद है उस रविवार की सुबह सेPosted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
उनके किताब के पन्नो के बीच कागज़ का एक टुकड़ा छिपा कर रख देते.. रात को जब वो अपना बस्ता पढने के लिए खोलती तो उसे वो कागज़ का वह टुकड़ा मिलता जिसमे दिल की बात लिखी गयी है, तब जाकर शायद प्यार की नैय्या आगे बढ़ती .और अगर यह टास्क सुच्सस्स्फुल हो जाता ..या फिर वही रूक जाता ..
रात को लड़के का "telephone" आता है.drawing रूम में बैठी निशा डैड को कहती " डैड बहुत दिन हो गए न्यूज़ नहीं देखा .अपनी बिटिया को आश्चर्य भरे नज़रो से देकते या फिर ऐसा कोई शो देखने का जिद करती जो वो पसंद नहीं करते और खुद ही उठ कर चले जाते है.अब वो telephone के बगल बैटी उसके कॉल का इंतज़ार करती है .घडी की दोनों सुईया आपस में मिल चुकी है पर कॉल नहीं आता .उधर लड़के को जो अक्सर( राज रवि अमित या सेम) होता हैडर होता है की "telephone" उनके पिताजी उठानएंगे या उनकी स्वीटहॉट
" सुनो तुम मुझे आज के बाद से अपने घर के नज़दीक "सिक्केवाले फ़ोन" से फ़ोन मत करना ..डैड ने कालर ईडी लगा दिया है..इसमें सब के नंबर आ जाते है .
फिर लड़का कागज़ में पत्थर डाल कर उसके खिड़की की ओर फेकता हैऔर टास्क successful हो जाता है ..या फिर वही रूक जाता है .
काश उस ज़माने में मोबाइल होता . वह sms करता जो ठीक (निशा, रीमा या कह लीजिये रिधिमा) के जींस के पीछे वाले पोकेट में vibration करता -"स्वीट कैन वी टॉक ?Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
टी.वी .में बाढ सूखे और भुखमरी की खबर सुनाती तुम बहुत सुन्दर दिखती होPosted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
राह चलते हर एक couples में तुम्हे और अपने आप को देखता हूँ ..तुम कभी भोली तो कभी कमीनी तो कभी खर्चिल्ली दिखती हो.सुबह सुबह ऑफिस के लिए जब अपने आप को बाथरूम में धकेलता हूँ तो सिंथोल में तुम्हे देखता हूँतुम कभी भरी भरी तो कभी गली गली दिखती हो..
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |
-
तुम कभी समानता की बात करती होतो कभी बदलाव की ...या कभी मर्दो से कंधे से कन्धा मिलाने की ...पर जब में कहता हूँ की आज सब्जी बाज़ार से तुम लाओ तो कह देती हो की तुम लड़के हो ..बस में खड़े खड़े में कितना भी थक जाऊ वो कभी सीट नहीं छोडती ..किसी थके हुए मर्द को ladies सीट में बैठा देख उसके मन में कभी दया की भावना नहीं आती और बड़े निर्ममता से उठा कर खुद बैठ जाती है..उसमे उसे अपनी जीत का एहसास होता है मानो कोई सिहासान हासिल कर लिया हो.नारी पथ भटक गयी है
Posted by Unknown 0 comments | Email This BlogThis! Share to X Share to Facebook |